बेधड़क न्यूज 24 के साथ हुई विशेष बात चित में अभिभावक व अध्यापक को लेकर एस.एस कॉन्वेंट स्कूल के डायरेक्टर कुमार गौरव सिंह ने क्या कुछ कहा -

बच्चे का भविष्य आपके हाथ में, आदरणीय अभिभावकगण - गौरव सिंह

बात कड़वी है, पर सच्ची है। पहले के अभिभावक कैसे थे? वो अध्यापक का पूरा सम्मान करते थे। अगर टीचर उनके बच्चे को कुछ गलत या सही होने पर अगर अनजान मे मार भी देता था, डांट देता था या कोई ठोस कार्यवाही करता था तो वो स्कूल में पूछने तक नहीं आते थे। न ही फोन करते थे। जब घर जाकर बच्चे कहते थे तो अभिभावक का जबाब होता था कि "जरूर तूने गलती की होगी, तभी मास्टर साहब ने मारा होगा" जिसका नतीजा यह था कि उनके लड़के आज डॉक्टर, इंजीनियर, अफसर बनकर सफल हो गए हैं।

आज के अभिभावक कैसे हैं?*

आज के अध्यापक बंदिशों में बंधा है। मारना नहीं है, डांटना नहीं है, गलती पर भी जोर से बोलना नहीं है।  और अगर मजबूरी में ठोस कदम उठा दिए घर भेज दिया, पैरेंट्स बुला लिए – तो अभिभावक स्कूल पर चढ़ जाते हैं। बच्चे के सामने टीचर को खरी-खोटी सुनाते हैं, धमकी देते हैं। इसका नतीजा क्या हो रहा है कि ? बच्चों का भविष्य और अभिभावक का भविष्य – दोनों खतरे में हैं। जो बच्चा आज टीचर से नहीं डरेगा, वो कल आपसे भी नहीं डरेगा। जो आज होमवर्क नहीं करेगा, वो कल नौकरी नहीं करेगा। उन्होंने आग्रह करते हुए कहा कि अब भी समय है अभिभावक जागें।

1. स्कूल का साथ दें – टीचर आपका दुश्मन नहीं, आपके बच्चे का भविष्य बनाने वाला है। 2. अपने बच्चों के कार्यों पर नजर रखें – कॉपी देखिए, होमवर्क चेक करिए, स्कूल बैग रोज टटोलिए। 3. गलती पर टीचर को टोकिए मत – सपोर्ट करिए। टीचर का मनोबल टूटा तो वो आपके बच्चे को पढ़ाएगा नहीं, सिर्फ टाइम पास करेगा। 4. बच्चे के सामने टीचर की बुराई मत करिए – आज आपने टीचर की इज्जत गिराई, कल वही बच्चा आपकी इज्जत गिराएगा। 5. आज जो आप अध्यापक को बोल रहे धमकी दे रहे है हद शिखा रहे है वही अध्यापक आपको आज बोलने कहने एवं यहां तक खड़ा किया है। उस गुरु का भी ख्याल नहीं है। गुरु को भगवान से ऊंचा दर्जा दिया गया है। याद रखें टीचर को आपने चुप करा दिया तो उसका कुछ नहीं बिगड़ेगा, दूसरी नौकरी मिल जाएगी। बिगड़ेगा आपका बच्चा, क्योंकि वो जिंदगी भर आपके साथ रहेगा। आपका बुढ़ापा उसी बच्चे के सहारे कटेगा – संस्कारी होगा तो सहारा बनेगा, बिगड़ गया तो बोझ बनेगा। स्कूल आपका साथ चाहता है, जंग नहीं। साथ देंगे तो बच्चा तैरेगा, विरोध करेंगे तो बच्चा डूबेगा।