चंदौली। जापान-सिंगापुर के दौरे से लौटे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फुल ऐक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। आते ही कर्मचारियों के वेतन का समय पर भुगतान और होली की छुट्टियों के अलावा रंगों के इस खास त्योहार के मद्देनजर सुरक्षा-व्यवस्था पर भी निर्देश जारी किए हैं। सीएम योगी ने अपने कार्यालय में ली बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि होली पर किसी तरह की कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योगी आदित्यनाथ ने साफ किया कि ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग और बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वालों पर कड़ी नजर रखने के साथ हुड़दंग मचाने वालों पर भी ऐक्शन लिया जाएगा।

बसों और बाकी वाहनों के लिए निर्देश

 होली से पूर्व अधिकारियों संगली बैठक में सीएम योगी ने निर्देश दिया कि यूपी से बाकी राज्यों के शहरों के लिए जाने वाली बसों में भी पर्याप्त इंतजाम हो। बिना इलेक्ट्रिक टिकट मशीन के निगम की कोई भी बस नहीं चलाई जाएंगी। इसके अलावा बिना हेल्मेट पहने, बिना सीट बेल्ट पहने लोगों पर भी नजर रहेगी। प्रमुख मार्गों, राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर भी विशेष जांच अभियान चलेगा। जांच के दौरान उल्लंघन पाए जाने पर बसों पर कार्रवाई के साथ यात्रियों को वैकल्पिक बस का भी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। लंबी दूरी की बसों में दो ड्राइवर जरूरी हैं, शनिवार से अतिरिक्त बसें चलाने के अलावा आमजन की सुविधाओं का भी ख्याल रका जाएगा। 9 मार्च तक बसों के फेरे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।

शराब पीकर वाहनों को चलाने वाले ध्यान दे!

 होली पर शराब या किसी भी तरह का नशा कर वाहन चलाने वालों पर विशेष नजर रहेगी। उनकी जांच के लिए ब्रेथ एनालाइजर रखा जाएगा। जिससे उनकी समय पर ही जांच हो जाए। लोगों को जागरूक करने के लिए संभागीय, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी और क्षेत्रीय प्रबंधक बड़ा जनजागरूकता अभियान चलाएंगे। कंट्रोल रूम पूरे सात दिन लगातार काम करेगा। होली के दौरान अधिकारी आम लोगों के फोन जरूर उठाएंगे और उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान करेंगे। खराब या अनफिट बसों को सड़क पर चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

महिलाओं की सहमति के बिना रंग लगाना पड़ सकता है भारी

महिलाओं की सहमति के बिना जबरन रंग लगाना, छूना या होली के नाम पर गलत हरकत करना भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 (पूर्व में IPC 354) के तहत एक गंभीर अपराध है। इसके तहत दोषी को 1 से 5 साल तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। अश्लील टिप्पणी के लिए धारा 79 भी लग सकती है। बुरा ना मानो होली है" कहकर की गई जबरदस्ती कानून की नजर में कोई बहाना नहीं है।यह एक संज्ञेय (Cognizable) अपराध है, जिसमें पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तारी कर सकती है।निजी अंगों पर रंग लगाना या जबरन गुब्बारा मारना भी 7 साल तक की जेल का कारण बन सकता है।