सामग्री आपूर्ति कर्ताओं तथा मजदूरों का पैसा देने में आनाकानी कर रहे ठेकेदारतय मानक के अनुरूप नहीं हुआ कार्य, जेई और ठेकेदार कर रहे मनमानी

धानापुर। इसे नियम कायदों की अनदेखी कहें या जेई ठेकेदार की मिलीभगत कि सहेपुर गांव की दलित बस्ती में लाखों रुपये की लागत से ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) विभाग की देखरेख में बन रहे इंटरलॉकिंग रोड का निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ कि पूरी रोड ही बीच बीच में कई जगह धंस गई।ग्रामीणों का आरोप है कि जेई अखिलेश विश्वकर्मा व ठेकेदार सारांश पाठक की सांठ गांठ से इंटरलॉकिंग रोड के निर्माण में तय मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं हैं। एक तो यहां निर्दिष्ट मानक के अनुसार गिट्टी की कुटाई नहीं की गई। दूसरे साइडवाल की भी भस्सी से चिनाई की गई है। हद तो यह है कि यहां के ठेकेदार मजदूरों की मजदूरी, सामग्री आपूर्ति कर्ताओं के सामान का पैसा आदि बकाया करके फरार हो गया है। जिसे लेकर यहां लोगों में अफरा तफरी मची हुई है। वहीं सुपरवाइजर राजेश गुप्ता का कहना है कि जब सबको कमीशन ही चाहिए तो काम कितना अच्छा होगा। ग्रामीणों ने ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अधिशासी अभियंता सहित डीएम से मार्ग के गुणवत्ता की जांच कराते हुए श्रमिकों तथा दुकानदारों के सभी बकाये धनराशि के भुगतान कराने की मांग किया है। शुक्रवार को दोपहर में तो एक इंटरलॉकिंग ईंट निर्माता एवं विक्रेता अपने बकाये धनराशि की मांग को लेकर कार्य स्थल पर पहुंच गए। वहां ठेकेदार को गायब देख डायल 112 पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने तत्काल कार्य रुकवा दिया और थाने में आकर शिकायत देने को कहा है। उधर इस मामले में ठेकेदार और जेई का पक्ष जानने को लेकर पूछे जाने पर जेई अखिलेश विश्वकर्मा का कहना है कि वे ठेकेदार से कई मर्तबा कह चुके हैं कि कार्य की गुणवत्ता खराब न हो। फिर भी यदि ऐसा है तो जांच की जाएगी। वैसे अभी तक कोई भुगतान नहीं किया गया है।

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सड़क निर्माण में लापरवाही की शिकायत मेरे संज्ञान में नहीं थी। किंतु यदि ऐसा है तो जांच कर दोषियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वैसे ठेकेदार को भी भुगतान करने तथा सामग्री आपूर्ति कर्ताओं तथा श्रमिकों से एनओसी लेने को निर्देशित किया जाएगा - अनिरुद्ध यादव, एक्सईएन आरईएस, चंदौली।