धानापुर (चंदौली)। हिंदू समाज की एकता, परस्पर प्रेम, सहयोग व स्वाभिमान को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गुरुवार को विकास खण्ड धानापुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय तोरवा में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सकल हिंदू समाज आयोजन समिति, तोरवा व डबरिया मंडल के तत्वावधान में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सम्मेलन के मुख्य अतिथि स्वामी रूपेश्वरानंद जी माहाराज व मुख्य वक्ता प्रो. उदयन मिश्र प्रार्चाय लाल बहादुर शास्त्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय पीडीडीयू नगर व प्रदेश अध्यक्ष शैक्षिक महासंघ ने भारत माता के चित्र पर संयुक्त रूप से माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर किया। इससे पहले ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह, प्रधान संघ अध्यक्ष राजेश सिंह, खंड सह कार्यवाह शैलेश चंद्र योगी, लक्ष्मण सिंह आदि ने विधिवत हवन पूजन कर देव आवाहन किया।

मुख्य वक्ता प्रो. उदयन मिश्र ने जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू समाज की जड़े ऋषि मुनियों की परम्पराओं में निहित है। हिंदू समाज का लक्ष्य केवल अपना उत्थान नही बल्कि विश्व को सही दिशा देना है। उसके लिए सबसे पहले अपने घर, समाज और आचरण को ठीक करना होगा। उन्होने कहा कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया अनैतिकता, अधर्म, अन्याय, युद्ध व पर्यावरण संकट से जूझ रही है। ऐसी स्थिति में हिंदू समाज का दायित्व बनता है वह धर्म को आधार बनाते हुए मानवता के रक्षक के रूप में तैयार रहे। उन्होने बताया कि जहां कई देशो में शक्ति व बल के दम पर शोषण, दमन और गुलामी का रास्ता अपनाया वही भारत में संतो, ऋषियो और महापुरुषो ने मानवता, करुणा व समरसता का मार्ग सिखाया है।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजेंद्र उपाध्याय ने कहा कि भारत को विश्व गुरु तक पहुंचाना है तो हम सबको हिंदू धर्म में हिंदुत्व और भारतीय संस्कृति में श्रेष्ठ मूल्यो को जीवन में उतारना है। यदि हम हिंदू भाव की भूल गए तो संकट निश्चित है। इसका उदाहरण बांग्लादेश में देख लीजिए। इसलिए हमें जाति, भाषा, मजहब और राजनीति के नाम पर आपसी संघर्ष न करते हुए एकजुटता दिखाना है।

मातृ शक्ति के रूप में उपस्थित शिक्षामित्र पूजा सिंह ने कहा कि जिस समाज में नारी का सम्मान नहीं होता वह समाज महान नहीं होता। उन्होंने कहा कि जहां नारी पूज्यनीय होती है वहा देवता भी वास करते है। भारतीय संस्कृति में नारी को सम्मान और शक्ति के रूप में देखा जाता है।

राम लाल पूर्व परिचारक ने कहा कि जाति भेद और छुआछूत छोड़ कर जब स्वयं खड़े होगे तभी एकजुट हो सकेंगे और पूरी दुनिया संभाल सकेगे। जो स्वयं खड़ा नहीं होगा वह गिरे हुए को उठाने की क्षमता भी नहीं रख सकेगा। भारत की एकता, अखंडता व संप्रभुता के लिए हम सभी की एकजुटता आवश्यक है।

इसके पूर्व कार्यक्रम के शुरुआत में अतिथियों को आयोजन समिति ने अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। बीच बीच में छात्राओं का सांस्कृतिक कार्यक्रम ने भक्तिमय वातावरण बनाए रखा। सम्मेलन में कमलाकांत मिश्रा, राणा प्रताप सिंह, डॉ. सतीश उपाध्याय, लक्ष्मण सिंह प्रधान, अरविंद तिवारी, इंद्रदेव तिवारी, डॉ जगन्नाथ, आशुतोष सिंह मिंटू, अरुण जायसवाल, विनय राज पांडेय, निलेश, प्रभुनाथ, भगवान, संतोष सहित अन्य सैकड़ों हिन्दू समाज उपस्थित रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेंद्र उपाध्याय व संयोजक ज्ञानप्रकाश सिंह, रमेश यादव बबलू और धर्मेंद्र प्रधान ने की वही संचालन नंदलाल ने किया।

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हवन पूजन कार्य ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह व अन्य
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भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित करते अतिथि