धानापुर। ब्लॉक स्थित शमा डायग्नोस्टिक सेक्टर पर बिना मुहर और हस्ताक्षर किए मरीजों को रिपोर्ट दी जा रही है। ऐसे स्थित में रिपोर्ट कानूनी रूप से वैध नहीं मानी जाती है। और कोई भी चिकित्सक उपचार से कतराते है क्यों कि रिपोर्ट फर्जी मानी जाती है। शुक्रवार को धरांव गांव निवासी पवित्रा पत्नी महावर विश्वकर्मा पेट में तेज दर्ज होने पर संध्या हॉस्पिटल में इलाज कराने गई। शुरुआती देख रेख के बाद डॉ. सुनील शर्मा ने अल्ट्रासाउंड के लिए लिखा। जिसके बाद मरीज अपने सुविधा अनुसार बगल में ही स्थित शमा डायग्नोस्टिक सेंटर पर अल्ट्रासाउंड कराने गई, जांच के बाद मरीज स्तंभ तब रह गई जब रिपोर्ट पर मुहर और हस्ताक्षर करने से जांच करता कतराने लगा। और तू तू मैं मैं पर उतर आया। जानकारी हो कि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट पर सोनोलॉजिस्ट या रेडियोलॉजिस्ट की मुहर और हस्ताक्षर (Sign & Stamp) होना अनिवार्य है। बिना हस्ताक्षरित रिपोर्ट कानूनी रूप से वैध नहीं मानी जाती है और डॉक्टर इस पर उपचार नहीं कर सकते। यह PCPNDT एक्ट के तहत एक गंभीर प्रक्रियात्मक चूक है। ऐसे स्थित में धानापुर की स्वास्थ्य सुविधा भगवान भरोसे संचालित हो रहा है। और लोगो के उपचार में काफ़ी समस्या उत्पन्न होते दिखाई दे रही है।

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अल्ट्रासाउंड सेंटरों के रिपोर्ट पर सोनोलॉजिस्ट या रेडियोलॉजिस्ट की मुहर और हस्ताक्षर अनिवार है। धानापुर स्थित शमा डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच हेतु चिकित्सक अधीक्षक को रिपोर्ट भेजी जा रही है - वाई के राय, सीएमओ - चंदौली

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बिना मुहर व हस्ताक्षर का दिया गया रिपोर्ट