डबल इंजन सरकार के दावों पर सिंचाई विभाग फेर रहा पानी

बैगर निर्माण का भुगतान कोई नया खेल नहीं, चंदौली के अधिकारियों के खून में है दलाली

प्रभात सिंह

चंदौली। जिले में भ्रष्टाचार अपने सातवें आसमान पर है। अधिकारियों और ठेकेदारों के सांठगांठ से सरकारी धन के बंदर बाट का खेल जोरो पर है। जिससे विकास कार्य धरातल पर नहीं उतर पा रहा है। ऐसे स्थित में विकसित गांव विकसित भारत की परिकल्पनाएं अधूरी नजर आ रही है। जर्जर सड़क की समस्या जनपद में कैसे समाप्त होगी जब विभाग ही उस पर पलीता लगाने का कार्य करेगा। सिंचाई विभाग द्वारा सकलडीहा क्षेत्र के बलारपुर से धरहरा तक 21.3 लाख की लगात से लगभग 12 सौ मीटर बनने वाली सड़क भ्रष्टाचार के भेट चढ़ गई है। और सड़क बनाए बगैर ही भुगतान कर दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर एक कोड गिट्टी डाल कर ठेकेदार पैसा हजम कर लिए। और बिना निर्माण कार्य विभाग द्वारा लगभग 21 लाख से अधिक पैसों का भुगतान हो गया। बलारपुर से धरहरा तक लिंक मार्ग के निर्माण के लिए सिंचाई विभाग द्वारा लगभग 21 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। निर्माण युद्धस्तर पर शुरू हुआ। मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए मार्ग पर एक कोड गिट्टी तो फैलाई गई। और फिर बाद में सड़क को जर्जर हालत में छोड़ ठेकेदार फरार हो गए। और गिट्टी के ऊपर पीच तक करने की जहमत नहीं उठाई। सड़क अधूरे हालत में पिछले कई महीनों से पड़ी है। सबसे बड़ी बात कि उक्त सड़क का निर्माण पूरा कराने की बजाय विभाग ठेकेदारों से भी एक कदम आगे निकल गया। और सड़क का निर्माण पूरा कराए बगैर ही सम्पूर्ण धन का भुगतान कर दिया। निर्माण अधूरा होने और उस पर गिट्टी फैलाने के चलते आवागमन एक दुष्कर कार्य हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी सड़क बनने से बेहतर है कि सम्पर्क मार्ग पहले जैसा ही रहता तो कम से कम आवागमन की दिक्कत तो नहीं होती।

वर्जन - हम सड़क नहीं बनाते, यह जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं है - सिद्धार्थ सिंह, चीफ - सिंचाई विभाग।