परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का नामांकन लक्ष्य से काफी कम होने पर जिलाधिकारी ने व्यक्त की नाराजगी

ब्लॉकवार उच्चीकृत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के निर्माणाधीन भवनों के भौतिक एवं वित्तीय प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा में पाया गया कि तय समय-सीमा बीत जाने के बाद भी एकेडमिक और हॉस्टल भवनों का निर्माण कार्य है अधूरा

जिलाधिकारी ने जिले में 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के असाक्षरों को चिह्नित कर उन्हें साक्षर बनाने के अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। 

बेधड़क न्यूज 24 संवाददाता, प्रभात सिंह
चंदौली। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं परिषदीय विद्यालयों की शैक्षणिक व भौतिक व्यवस्थाओं की बिंदुवार गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने 'ऑपरेशन कायाकल्प' के तहत परिषदीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं (जैसे- पेयजल, शौचालय, विद्युतीकरण, बाउंड्री वॉल एवं रसोइघर) की अद्यतन स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने निर्माणाधीन कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से समयबद्ध पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए। प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों के सीखने के स्तर और भाषा व गणित में दक्षता में सुधार हेतु चलाए जा रहे 'निपुण भारत मिशन' की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जिला समन्वयकों एवं ए.आर.पी. (ARP) को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया। विद्यालयों में दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं मीनू के अनुसार वितरण सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का नामांकन लक्ष्य से काफी कम रहने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। विकास कार्यों एवं शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान धानापुर खंड शिक्षा अधिकारी (बीइओ) की कार्यशैली में लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ने उनसे तत्काल स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश जारी किए एवं अन्य बीइओ को भी अल्टीमेटम दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और नामांकन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बीइओ को जल्द से जल्द नामांकन बढ़ाने और कार्यशैली में सुधार लाने का कड़ा निर्देश दिया। बैठक के दौरान विशेष रूप से बरहनी विकास खंड के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) द्वारा कार्यों में बरती जा रही लापरवाही और लक्ष्य के सापेक्ष खराब प्रगति पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने BEO को कड़ी चेतावनी देते हुए तत्काल डेटा एंट्री का कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने ब्लॉकवार उच्चीकृत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के निर्माणाधीन भवनों के भौतिक एवं वित्तीय प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की, तो पाया कि तय समय-सीमा बीत जाने के बाद भी एकेडमिक और हॉस्टल भवनों का निर्माण अधूरा है। कार्यदायी संस्था द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में कई कमियां पाई गईं। जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड वाराणसी के संबंधित अभियंताओं एवं ठेकेदारों की लापरवाही पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि बालिकाओं की शिक्षा और आवास से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्माणधीन मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय हंडा के निर्माण कार्य में शिथिलता बरतने पर कार्यदाई संस्था को तेजी लाने के कड़े निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने जिले में 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के असाक्षरों को चिह्नित कर उन्हें साक्षर बनाने के अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य हासिल करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा साक्षरता केवल पढ़ने और लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक को सशक्त और जागरूक बनाने का जरिया है। अधिकारी धरातल पर उतरकर नव भारत साक्षरता कार्यक्रम और बुनियादी शिक्षा की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी के बैठक में कड़े निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जो भी शिक्षक या अधिकारी अपने दायित्वों में लापरवाही बरतेंगे, उनके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी नियमित रूप से ग्राउंड जीरो पर जाकर विद्यालयों का भौतिक सत्यापन करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार, समस्त खंड विकास अधिकारी एवं समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक एवं समिति के अन्य विभागीय सदस्य व अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।