वाराणसी। सारनाथ थाना क्षेत्र में चोरी के मोबाइल फोन एवं नकदी की बरामदगी से जुड़े मामले में आरोपी अविनाश दीक्षित को अदालत से जमानत मिल गई। प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सौरभ शुक्ला की अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी को 20 हजार रुपये की एक जमानत एवं बंधपत्र प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता गौरव कुमार, अभिषेक कुमार झा एवं गिरजाशंकर ने आरोपी का पक्ष रखा। वहीं, सहयोगी अधिवक्ताओं में निशांत सिंह ‘गोल्डन’, मनीष सिंह ‘माही’ एवं गौरव कुमार गुप्ता ने भी पैरवी में सहयोग किया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सारनाथ पुलिस ने चोरी के मोबाइल फोन एवं नकदी की बरामदगी के मामले में कार्रवाई करते हुए किशन राजभर और अविनाश दीक्षित को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के कब्जे से चोरी के कई मोबाइल फोन तथा 48,100 रुपये नकद बरामद किए गए थे।

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पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी कथित रूप से चोरी किए गए मोबाइल फोन को कम कीमत पर बेचने का काम करते थे। बरामदगी के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की। पूछताछ के दौरान चोरी की अन्य घटनाओं के संबंध में भी जानकारी मिलने की बात पुलिस की ओर से कही गई थी। मामले में अदालत द्वारा सुनवाई के बाद आरोपी अविनाश दीक्षित को जमानत प्रदान करते हुए निर्धारित शर्तों के साथ रिहा करने का आदेश दिया गया।