धानापुर । क्षेत्र के ग्राम सभा गजेंद्रपुर में सोमवार को गजेंद्रपुर निवासी एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति के आवंटित भूमि पैमाइश को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने स्थानीय लेखपाल, कानूनगो एवं अन्य राजस्व अधिकारियों पर मनमाने ढंग से जमीन की नापी कर सीमांकन करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि एक व्यक्ति की आवंटित भूमि की कई बार अलग-अलग तरीके से पैमाइश कराई गई, जिससे आसपास के किसानों और निवासियों की जमीन प्रभावित हो गई तथा गांव में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व विभाग द्वारा सरहद पर पत्थर स्थापित करने और सीमांकन की कार्रवाई बिना संबंधित किसानों एवं पड़ोसी भूमिधरों को सूचना दिए ही कर दी गई। इससे कई किसानों की जमीन कम दिखाई जाने लगी, जबकि कुछ लोगों की जमीन तो मौके से पूरी तरह गायब हो गई। ग्रामीणों का दावा है कि राजस्व अभिलेखों और नक्शे में भूमि दर्ज है, लेकिन गलत पैमाइश के चलते उसका वास्तविक स्वरूप मौके पर दिखाई नहीं दे रहा है। 

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शासन द्वारा जारी "पक्की पैमाइश" के निर्देशों की खुलेआम अनदेखी की गई है। बिना संबंधित पक्षों की उपस्थिति और जानकारी के पैमाइश कराए जाने से लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है। बगल के किसान बुल्लू बिंद, गिरधारी पांडेय, लालता बिंद, रामअवतार यादव समेत अनेक ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लेखपाल और कानूनगो द्वारा बिना विधिवत पैमाइश कराए ही फील्ड बुक तैयार की गई तथा उसी के आधार पर जमीनों का सीमांकन कर दिया गया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया में किसी विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर धन उगाही की गई है।   ग्रामीणों ने जिलाधिकारी एवं उच्च राजस्व अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोबारा पारदर्शी तरीके से पैमाइश कराने तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। गांव में भूमि सीमांकन को लेकर तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।