चंदौली। जिले के धानापुर चहनियां मुख्य मार्ग के किनारे 33 हजार बोल्ट की विद्युत लाईन के खंभे लगाने को लेकर शनिवार को सीतापोखरी (धरांव) बाजार के लोगो ने विरोध जताया। बाजारवासियों का कहना था कि बाजार में 33 हजार बोल्ट की लाइन ले जाना गलत है। भविष्य में यहां कई तरह की घटनाएं घट सकती है। इस संदर्भ में लोक निर्माण विभाग और विद्युत विभाग आमने सामने हो गया है। वहीं ग्रामीणों में भी तीब्र आक्रोश व्याप्त हो गया है। धानापुर कस्बा स्थित 132 केबीए विद्युत ट्रांसमिशन से मारूफपुर स्थित 33/11 विद्युत सब स्टेशन की आपूर्ति जोड़ने को लेकर बिजली विभाग धानापुर-चहनियां मुख्य सड़क के किनारे 33 हजार बोल्ट लाईन के खंभे गाड़ रहा है। जो आये दिन की दुर्घटना के कारण बन सकते हैं।

शनिवार को बिजली विभाग के एक ठेकेदार कुछ विद्युत कर्मियों को साथ लेकर 33 हजार बोल्ट की बिजली के खंभे गड़वा रहे थे।

तभी सीतापोखरी बाजार में बाजार वासी जुट आये और सड़क के किनारे 33 हजार बोल्ट के बिजली की लाइन लगाने का विरोध करने लगे। ग्रामीणों का उग्र तेवर देख काम कर रहे ठेकेदार और उसके कर्मी भाग गए।

दरअसल धानापुर कस्बा स्थित 132 केबीए ट्रांसमिशन से 33/11 उपकेंद्र मारूफपुर की लाइन को जोड़ने के लिए धानापुर से चहनियां मुख्य मार्ग के किनारे से 33 हजार बोल्ट की जो लाइन बन रही है। उसे बनाने को लेकर सुरक्षा नियमों की घोर अनदेखी की जा रही है। कारण यह कि इस मार्ग पर पड़ने वाले ज्यादातर गावों की एबीसी विद्युत केबिलें और 11 हजार की केबलें इसी सड़क के किनारे से गुजरी हैं। वावजूद इसके कथित ठेकेदार कुछ विभागीय अफसरों से सांठ गांठ करके नियम के विपरीत मुख्य मार्ग के किनारे से ही एबीसी केबिलों के ऊपर से 33 हजार बोल्ट की विद्युत लाईन तैयार करने में जुटे हुए हैं। जिसे लेकर ग्रामीणों में तीब्र आक्रोश व्याप्त हो गया है।

बिजली विभाग के अवर अभियंता घनश्याम का कहना है कि सड़क के किनारे बनाई जा रही 33 हजार बोल्ट की विद्युत लाइन का कोई औचित्य नहीं है। हालांकि यह विद्युत लाइन कैसे बन रही है, और किसके आदेश पर बन रही है। ऐसी कोई जानकारी हमारे संज्ञान में नहीं है।उधर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार का कहना है कि धानापुर चहनियां मार्ग के किनारे से 33 हजार बोल्ट की विद्युत लाईन के खंभों को लगाने का विभाग से कोई एनओसी नहीं जारी की है। इस लिए अवैध रूप से बिजली के खंभे लगाने का कोई औचित्य नहीं है। अब तक लगाए गए बिजली के खंभों को हटाने के लिए हमने विभागीय स्तर पर अपनी टीमों को सक्रिय कर दिया है। और जेई को बोल कर कार्य रुकवा दिया गया है।