चंदौली। जिले के धानापुर कस्बे में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने चकबंदी प्रक्रिया में जमीनों के कागजात में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार को बिझवल गांव स्थित अंबेडकर पार्क से जुलूस निकाला गया, जो पूरे बाजार का भ्रमण करते हुए शहीद पार्क पर सभा में परिवर्तित हो गया। प्रदर्शनकारियों ने 'भू माफिया चकबंदी अधिकारी गठजोड़ मुर्दाबाद', 'जो जमीन सरकारी है वह जमीन हमारी है', 'चकबंदी प्रक्रिया रद्द करो' और 'भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करो' जैसे नारे लगाए। यह नाराजगी काफी समय से चल रही है। अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला सचिव श्रवण कुशवाहा ने बताया कि धानापुर ग्राम सभा में चकबंदी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से भू-माफियाओं को सरकारी और गरीब लोगों की जमीनें दूसरे के नाम कर दी गई हैं। पीड़ित लोग अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। अमरवीर इंटर कॉलेज के प्रबंधक डॉ. विशाल सिंह ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भू-माफियाओं ने चकबंदी विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर विद्यालय की जमीन में भी बड़े पैमाने पर हेराफेरी की है और उसकी बिक्री भी हुई है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी सहित चकबंदी विभाग के अधिकारियों को कई बार पत्र लिखकर अवगत कराया गया, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।

image

श्रवण कुशवाहा ने घोषणा की कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन तेज किया जाएगा। शाम को नायब तहसीलदार दिनेश शुक्ला और थाना प्रभारी त्रिवेणी लाल सेन धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया और उच्च अधिकारियों को अवगत कराने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। जुलूस का नेतृत्व भाकपा (माले) के जिला सचिव कामरेड अनिल पासवान, राज्य स्थाई समिति सदस्य कामरेड राम प्यारे राम, इंकलाबी नौजवान सभा नेत्री कामरेड सुनैना और एपवा जिला उपाध्यक्ष कामरेड श्यामदेई ने किया। इस दौरान ऊदल राम, सुजीत कुमार, ओमप्रकाश राम, चंद्रशेखर भारती, शिवलोचन, राम अवध, अरविंद, कवि राज, हरिओम मिश्रा, दशमी लाल निषाद, परमेश्वर यादव, बालाजीवन यादव, मुसाफिर यादव, राजेश यादव, लाल जी राम, अरुण राम, चंदा देवी, अलियारी देवी, कुमारी देवी सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।