नहर में दौड़ती रही पोकलेन, खुदाई के नाम पर सिर्फ छीला गया है घास

जेई, ठेकेदार और सफेदपोश की तिकड़ी में फिर पिस जाएंगे किसान

दीपक सिंह

धानापुर। जो डलहौजी न कर पाया, वो ये हुक्काम कर देंगे। कमीशन दे दो तो हिन्दुस्तान को नीलाम कर देंगे। जी हां, अदम गोंडवी की यह कविता हेतमपुर माइनर की खुदाई एवं सफाई को लेकर की गई धांधली पर सटीक बैठ रही है। यहां नहर में पोकलेन दौड़ती रह गई। और खुदाई के नाम पर सिर्फ घास छीलकर बेईमानों ने लाखों के धनराशि की बंदरबांट कर दिया।

दरअसल सिंचाई विभाग बंधी प्रखंड से जुड़ी हेतमपुर माइनर से दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसानों की हजारों एकड़ खेत की सिंचाई के साथ साथ बरसाती पानी की निकासी भी होती है। क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि यह नहर कवई पहाड़पुर, हेतमपुर, गौसपुर,अकबालपुर, मड़ैया जीयनपुर, कमालपुर आदि गांवों से होते हुए खजरा के पास अगहर वीर बहुरिया नाले में मिल जाती है। जिसकी कुल लंबाई लगभग 7 किमी है। किसानों की माने तो यदि इस नहर की सही तरीके से खुदाई और सफाई नहीं होगी तो बरसात के मौसम में दर्जनों गांव के सैकड़ों किसानों की धान की फसल डूब जाएगी। जिससे उन्हें भीषण नुकसान उठाना पड़ेगा। अकबालपुर गांव के ग्रामप्रधान प्रतिनिधि प्रदीप कुमार सिंह का आरोप है कि कथित ठेकेदार, जेई और सफेदपोशों की तिकड़ी के चलते इस नहर की खुदाई एवं सफाई के कार्य में तय मानक एवं गुणवत्ता की घोर अनदेखी की गई है। यदि समय रहते जिले के जिम्मेदार अफसरों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो आगमी बरसात के दिनों में किसानों के समक्षः सिंचाई और जलनिकासी की भीषण समस्या उत्तपन्न हो जाएगी। जिससे सैकड़ों परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे। इस संदर्भ में बंधी डिवीजन के जेई से बात करने की कई बार कोशिश की गई। किंतु उन्होंने मोबाइल नहीं रिसीव किया। उधर क्षेत्रीय किसानों सहित भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने जिलाधिकारी का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए न केवल उक्त माइनर की नए सिरे से खुदाई एवं सफाई कराए जाने की मांग किया है। अपितु सरकारी धन के बंदरबांट की भी जांच की अपील किया है।