मिर्जापुर। राजगढ़ ब्लॉक के ग्राम सभा लहौरा में पीएम प्रणाम योजना के अंतर्गत इफको द्वारा नैनो जागरूकता महाअभियान एवं मृदा परीक्षण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बचाए रखने के लिए नैनो उर्वरकों का प्रयोग समय की मांग है। उन्होंने जोर दिया कि नैनो उर्वरक न केवल फसल की पैदावार बढ़ाते हैं बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि माया शंकर सिंह ने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए किसानों को प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि अपनी गेहूं, धान और बाजरा की फसलों में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया प्लस का प्रयोग करने से उन्हें लागत में कमी और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है। इसी क्रम में अपर जिला कृषि अधिकारी कुंवर सतेंद्र सिंह ने किसानों को मृदा परीक्षण की वैज्ञानिक विधि समझाते हुए संतुलित उर्वरक उपयोग पर बल दिया और रासायनिक खादों के अंधाधुंध प्रयोग से बचने की सलाह दी।इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक आशीष श्रीवास्तव ने नैनो उत्पादों की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि नैनो डीएपी और नैनो यूरिया प्लस के प्रयोग से पौधों को आवश्यक पोषक तत्व संतुलित रूप से प्राप्त होते हैं। उन्होंने किसानों को बीज एवं जड़ शोधन की विधि तथा फसलों पर छिड़काव के प्रभावी तरीकों के बारे में विस्तार से प्रशिक्षित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तकनीक से जल, मृदा और वायु प्रदूषण को कम करने में बड़ी मदद मिलती है। इफको के स्पेशलिटी फर्टिलाइजर असिस्टेंट रितेश पांडेय के संचालन में चले इस कार्यक्रम में किसानों को सागरिका और जल विलेय उर्वरकों के बारे में भी जागरूक किया गया। इस अवसर पर तेंदुआ कला अध्यक्ष रविन्द्र बहादुर सिंह और समिति सचिव अमीम अंसारी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान उपस्थित रहे, जिन्होंने अंत में आधुनिक नैनो तकनीक को अपनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

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