चंदौली। धानापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव निवासिनी युवती के साथ मनबढ़ों द्वारा कथित छेड़खानी का मामला प्रकाश में आया है। शिकायत के बाद भी धानापुर पुलिस ने पीड़िता की एफआईआर दर्ज नहीं किया। उल्टे पीड़िता पर ही सुलह समझौता करने का दबाव बनाने में जुटी है। आरोप है कि कुछ छुटभैये नेताओं का भी मनबढ़ों को संरक्षण है। पीड़िता का कहना है कि ग्रेजुएशन करने के बाद वह कंपटेटिव एग्जाम की तैयारी कर रही है। इसके लिए उसे अक्सर इधर उधर आना जाना पड़ता है। रास्ते मे आरोपित अक्सर फब्तियां कसते रहते हैं। रविवार को वह अपने खेत पर जा रही थी, तभी बाइक पर सवार दो युवक रास्ते मे रोककर गलत इशारे करते हुए छेड़छाड़ करने लगे। विरोध करने पर जान से मार डालने की धमकी देने लगे। यह देख पीड़िता किसी तरह से भागकर घर आई। और रोते हुए अपने मां बाप को पूरी बात बताई। पुत्री की बात सुनकर उसकी मां और बाप आरोपितों के घर जाकर उनके परिजनों से शिकायत किया। लेकिन वहा भी मनबढ़ों ने उनके साथ धक्का मुक्की किया। तक हार कर पीड़िता के परिजनों ने थाने पहुंचकर पुलिस से न्याय की गुहार लगाई।

पुलिस ने कुछ देर में ही आरोपियों को पकड़ लिया और थाने लाई। लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं किया। कुछ छुटभैया नेताओं की पहल पर पुलिस ने पीड़ित पक्ष पर सुलह करने का दबाव देते हुए पूरे मामले को रफा दफा कर दिया। पुलिस की इस कार्यशैली से क्षुब्ध पीड़िता ने 1090 पर फोन कर आप बीती सुनाई।

जिसके बाद महिला थाने की पुलिस ने उसके घर पहुंचकर उसका बयान लिया। लेकिन अभी तक उसकी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।

 

तो कई छुटभैये नेताओं का है मनबढ़ो को संरक्षण 

चंदौली। रविवार को धानापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में युवती से छेड़छाड़ करने वाले मनबढ़ो को क्षेत्र के कई छुटभैये नेताओं का संरक्षण है। यदि ऐसा ही होता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब बहन बेटियों का सामान्य रूप से बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा।

क्या कहती है पुलिस...

इस मामले को लेकर बेधड़क न्यूज ने थानाध्यक्ष का पक्ष जानना चाहा किंतु उनका फोन नहीं रिसीव हुआ। यह अलग बात है कि हल्का दरोगा का कहना है कि कुछ प्रधान और क्षेत्र के लोगों की पहल पर मामले में सुलह समझौता करा दिया गया है।