सड़क के दोनों पटरियों पर मिट्टी व सफाई कार्यों में अनियमितता का आरोप प्रधान प्रशासक व ग्रामीणों ने की जांच की मांग

बेधड़क न्यूज 24 संवाददाता, डॉ राजेश कुमार

मारुफपुर। महमदपुर गांव से रइया गांव के सड़क मार्ग के दोनों पटरियों के तरफ सफाई जिला पंचायत द्वारा मनरेगा योजना के तहत कराए जा रहे मार्ग के सफाई एवं मिट्टी कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और फर्जीवाड़े का आरोप सामने आया है। ग्रामीणों ने जिला पंचायत द्वारा संचालित कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार महमदपुर गांव से रइया बार्डर तक पीच सड़क के दोनों तरफ सफाई एवं मिट्टी भराई का कार्य जिला पंचायत द्वारा मनरेगा योजना के अंतर्गत कराया जाना है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब लाखों रुपये बताई जा रही है। आरोप है कि कार्यस्थल पर निर्धारित संख्या में मजदूरों को नहीं लगाया जा रहा है, जबकि कागजों में बड़े पैमाने पर मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कराई जा रही है। प्रधान प्रशासक प्रतिनिधि सुशील शर्मा का कहना है कि योजना के तहत प्रतिदिन 20 से 25 मजदूरों को कार्य पर लगाया जाना चाहिए, लेकिन मौके एक भी मजदूर ही काम करते दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मियों की मिलीभगत से कागजों में कार्य को पूर्ण रूप से दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। यदि अधिकारियों द्वारा कार्य की स्थलीय जांच कराई जाए तो वास्तविकता सामने आ जाएगी और बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है। जिला प्रशासन, मुख्य विकास अधिकारी तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना और विकास कार्यों को गति देना है। लेकिन यदि इस प्रकार की अनियमितताएं जारी रहीं तो योजना की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग जाएगा। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी धन के दुरुपयोग पर रोक लग सके।