मिर्जापुर। अदलहाट पुलिस ने नशीली दवाओं के अवैध कारोबार और फर्जीवाड़े के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए एक नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्म बनाकर दिल्ली से लाखों की संख्या में प्रतिबंधित सिरप मंगवाया और करोड़ों का संदिग्ध लेनदेन किया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त शिवम द्विवेदी (निवासी परोरा, नारायणपुर) ने 'सनराइज ट्रेडर्स' नाम की एक फर्म बना रखी थी। जांच में पाया गया कि ड्रग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आरोपी ने कूटरचित (फर्जी) आधार कार्ड का इस्तेमाल किया था। लाइसेंस पर नारायणपुर का पता दर्ज था, जबकि उसके बैंक खातों में वाराणसी के कैंट क्षेत्र का पता दर्ज है। मौके पर जांच करने पर पता चला कि आरोपी की दुकान कभी खुलती ही नहीं थी और यह केवल कागजों पर ही संचालित थी। विवेचना के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपी के एचडीएफसी और सेंट्रल बैंक खातों में लगभग 8.25 करोड़ रुपये का टर्नओवर मिला है। दिल्ली की 'वान्या एंटरप्राइजेज' से आरोपी की फर्म को लगभग 1.42 लाख सीसी एस्कफ (Eskuf) सिरप सप्लाई किया गया था। पुलिस अब जीएसटी विभाग की मदद से इन बिलों और परिवहन में इस्तेमाल हुए वाहनों की ट्रेसबिलिटी खंगाल रही है ताकि इस काले कारोबार की पूरी चेन का पता लगाया जा सके। बुधवार को पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर शिवम द्विवेदी को थाना परिसर से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक महंगा एप्पल मोबाइल, दो अलग-अलग पते वाले आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद हुए हैं। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट और बीएनएस की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच में कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश होगा।"