दर्द भरा नोट लिख नीट की तैयारी कर रही छात्रा ने किया सुसाइड

परिजनों ने फुफेरे भाई पर फोन कर टार्चर करने का लगाया आरोप

चंदौली। सुसाइड नोट लिखकर कानपुर में नीट की तैयारी कर रही चंदौली की छात्रा ने फांसी लगा जान दे दी। परिजनों में कोहराम मच गया है। छात्रा के भाई का आरोप है कि फुफेरे भाई की फोन पर दोस्त बनने की धमकी देने और यातनाओं से तंग आकर खुशबू ने सुसाइड किया है। मूलरूप से चंदौली के धानापुर क्षेत्र के सकरारी निवासी नरेंद्र प्रताप सिंह दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। परिवार में पत्नी नीलम, बेटा अभिषेक सिंह और दो बेटियों में एक खुशी है जबकि दूसरी 17 वर्षीय खुशबू सिंह थी। खुशबू नीट की तैयारी कर रही थी। पूरा परिवार कानपुर के श्याम नगर के गंगा नगर स्थित एक मकान में किराए पर रह रहा है। खुशबू के भाई अभिषेक ने बताया कि बुधवार सुबह खुशबू नहाकर अपने कमरे में चली गई और फांसी लगाकर जान दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। चकेरी इंस्पेक्टर अजय प्रकाश मिश्रा ने बताया कि मृतका के पास से सुसाइड नोट मिला है। जिसमें उसने किसी को दोषी तो नहीं ठहराया है। परिजनों के तहरीरपर जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर अपलोड की फोटोः परिजनों का आरोप है कि फुफेरे भाई ने एक बार सोशल मीडिया में बेटी की फोटो अपलोड कर उसे दोस्त बता दिया था। जानकारी के बाद उसे फटकारा और रिश्तों की दुहाई देकर फोटो डिलीट करवाई गई थी।

सुसाइड नोट पर लिखी अच्छे से रहने की बातेछात्र ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि मम्मी-पापा आप लोग अच्छे से रहिएगा। मैं पूरे परिवार से बहुत प्यार करती हूं। भाई-बहन तुम भी अपना ख्याल रखना। मैं अब शांति से खत्म हो रही हूं। छात्रा के भाई अभिषेक का आरोप है कि गुजरात में रहने वाला बुआ का लड़का बहन खुशबू को फोन कर जबरन बात करने का दबाव बनाने के साथ टार्चर कर रहा था। साथ ही दोस्त बनने का दबाव बना रहा था। उसे कई बार समझाया, लेकिन वह हरकतों से बाज नहीं आया। पिछले साल फूफा की मौत के बाद से वह और ज्यादा बेलगाम हो गया था। फूफा ने जहर खाकर जान दी थी।

खुशबू की मौत के बाद सकरारी गांव में मातम 

धानापुर थाना क्षेत्र के सकरारी गांव की छात्रा खुशब की कानुपर में मौत के बाद परिवार में मातम छाया हुआ है। गांव निवासी हरिहर सिंह के दो बेटे नरेंद्र प्रताप सिंह और पंकज सिंह है।
नरेंद्र सिंह दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनका पूरा परिवार कानपुर में रहता है। जबकि गांव में नरेंद्र सिंह के
माता पिता और भाई पंकज रहते हैं। मंगलवार की दोपहर को घटना की सूचना मिलते ही परिवार में शोक छा गया। घर से पंकज और उनकी मां गांव से कानपुर के लिए रवाना हो गई हैं। खुशबू कानुपर में नीट की तैयारी कर रही थी। घटना से परिवार और पास पड़ोस के लोग मर्माहत हैं।