देश के मुख्य न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने चंदौली में छह इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स को रखी नींव

चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया में कॉम्प्लेक्स निर्माण का हुआ शुभारम्भ

लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए न्यायपालिका का सशक्त होना जरुरी - योगी आदित्यनाथ 

चंदौली। प्रदेश के छह जिलों में 1500 करोड़ की लागत से बनने वाले एकीकृत न्यायालय भवन का शनिवार को उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा विधि विधान से पूजापाठ के साथ शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम में उच्चतम न्यायालय के न्यायधीश न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, पंकज मित्थल, मनोज मिश्रा, राजेश बिंदल और उच्च न्यायालय इलाहाबाद के न्यायधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और उच्च न्यायालय इलाहाबाद के वरिष्ठ न्यायधीश न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी की भी गरिमामय उपस्थिति रही।

मुख्य न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश में 10 नये कोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण की कार्ययोजना के लिए प्रदेश सरकार मॉडल के रूप में जाना जाएगा। इस पहल का दूसरे राज्य सरकारों को भी यहां की तरह कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाने का सुझाव दूंगा। उन्होंने कहा संविधान में जिला न्यायालय की स्थापना इसी उद्देश्य से हुई थी कि वहां त्वरित न्याय मिले। यह कोर्ट कॉम्प्लेक्स आमजन के लिए न्याय के मंदिर साबित होंगे। यह परिसर हर प्रकार की आम आदमी की सुविधा से युक्त होगी। अगले 50 वर्षों तक न्यायिक कार्यों के लिए यह कॉम्प्लेक्स सक्षम साबित होंगे।

सीजेआई ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग से बार बनाया जाए एवं सभी कोर्ट कॉम्प्लेक्स में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने का भी सुझाव दिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मुख्य न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय न्यायमूर्ति सूर्यकांत को पुष्प गुच्छ व स्मृति चिन्ह प्रदान कर स्वागत किया गया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र के सशक्तीकरण के लिए आवश्यक है कि हमारी न्यायपालिका उतनी ही सशक्त हो। आम आदमी को सरलता और सहजता के साथ न्याय प्राप्त हो, इसके लिए उतना ही उत्तम इंफ्रास्ट्रक्चर भी आवश्यक है। सरकार के पास न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कोई भी कार्य आते हैं तो व्यवस्था में कोई देर नहीं लगती। उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले चरण में छह जनपदों के लिए धनराशि भेज दी है। डिजाइन स्वीकृत हो चुका है तथा सभी औपचारिकताएँ पूरी हो चुकी हैं। जनपद चंदौली को लगभग 286 करोड़ दिया जा चुका है।

शिलान्यास के बाद एलएंडटी जैसी विश्वविख्यात संस्था द्वारा निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक छत के नीचे कोर्ट कॉम्प्लेक्स तो होगा ही, साथ ही अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधा, स्पोटर्स सुविधा, पार्किंग और कैंटीन की व्यवस्था भी होगी। उन्होंने कहा कि चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस एवं औरैया इन छह जनपदों के एकीकृत न्यायालय परिसर के निर्माण का शुभारंभ आज हुआ है। निर्माण कार्य भी तय समय में पूर्ण होगा। शेष चार अन्य जनपदों की सभी औपचारिकताएँ कुछ ही महीनों में पूरी कर ली जाएंगी। भारत के न्यायिक इतिहास में यह कार्य स्वर्णाक्षरों में अंकित होगा। जिसकी शुरुआत मुख्य न्यायाधीश के कर-कमलों से आज किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में मुख्य रूप से अधिवक्ता, विधि महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं एवं जनपद के प्रमुख प्रतिनिधि व अधिकारीगण उपस्थित रहे।