धानापुर। क्षेत्र के हिंगुतरगढ़ स्थित खेल मैदान की बदहाल स्थिति को लेकर रविवार को खिलाड़ियों का आक्रोश फूट पड़ा। मैदान में जगह-जगह गिट्टी, बालू और गड्ढों के कारण खिलाड़ियों को अभ्यास करने में भारी परेशानी हो रही है। खिलाड़ियों ने प्रदर्शन कर मैदान की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की। खिलाड़ियों का कहना है कि खेल मैदान में ट्रकों की आवाजाही के कारण मैदान की सतह पूरी तरह खराब हो गई है। जगह-जगह गहरे गड्ढे होने के साथ ही मैदान में गिट्टी और बालू फैली हुई है। ऐसे में दौड़, क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों का अभ्यास करना मुश्किल हो गया है। अभ्यास के दौरान खिलाड़ी गिरकर चोटिल भी हो रहे हैं। खिलाड़ियों ने कहा कि हिंगुतरगढ़ का यह मैदान क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां से कई खिलाड़ियों ने अपनी खेल यात्रा की शुरुआत की है। इसी मैदान पर अभ्यास कर अंतरराष्ट्रीय स्तर के भाला फेंक खिलाड़ी शिवपाल सिंह ने अपनी प्रतिभा को निखारा। ऐसे में मैदान की बदहाली खिलाड़ियों के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर रही है। खिलाड़ियों ने प्रशासन से मैदान में फैली गिट्टी-बालू हटाने, गड्ढों को भरकर समतलीकरण कराने और ट्रकों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि समय रहते मैदान की स्थिति नहीं सुधारी गई तो क्षेत्र की उभरती खेल प्रतिभाओं को अभ्यास के लिए दूसरे स्थानों का रुख करना पड़ेगा। खिलाड़ियों के प्रदर्शन का संज्ञान लेते हुए सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने अपने प्रतिनिधि अन्नू सिंह को तत्काल खेल मैदान का साफ सफाई कर, खेलने योग्य सुगम बनवाने को कहा है। इस दौरान डिक्की सिंह, पंकज यादव बिट्टू, मोनू सिंह, दीपक यादव, रितेश यादव, शिवम यादव, अमन यादव, दिनेश यादव, जोगिंदर यादव, कृष्ण यादव, आकाश पांडेय, वरुण सहित अन्य रहे।

हिंगुतरगढ़ के मैदान से अभ्यास कर अंतरराष्ट्रीय फलक तक पहुंचे शिवपाल

हिंगुतरगढ़ के इसी खेल मैदान से अभ्यास शुरू करने वाले शिवपाल सिंह ने भाला फेंक में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 86.23 मीटर है, जो उन्होंने वर्ष 2019 में दोहा में आयोजित एशियाई चैंपियनशिप में हासिल किया था। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने रजत पदक जीता। वर्ष 2018 के एशियाई खेलों में उन्होंने आठवां स्थान हासिल किया था। शिवपाल ने 85.47 मीटर का थ्रो कर टोक्यो ओलंपिक 2020 के लिए भी क्वालीफाई किया था। वर्ष 2016 में उन्होंने हंगरी के बुडापेस्ट ओपन एथलेटिक्स में भाला फेंक स्पर्धा का खिताब जीता था। स्थानीय खिलाड़ियों का कहना है कि शिवपाल जैसे खिलाड़ी इस मैदान की खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा हैं, लेकिन मौजूदा बदहाली में नई प्रतिभाओं के लिए अभ्यास करना चुनौती बन गया है।