जिला संवाददाता: अभिजीत श्रीवास्तव मिर्जापुर। पतंजलि युवा भारत एवं विंध्य सेवा धाम के संयुक्त तत्वावधान में पांडेपुर स्थित संस्कार पब्लिक स्कूल में चल रहे तीन दिवसीय योग संस्कारशाला शिविर के दूसरे दिन शिक्षकों ने योग की बारीकियां सीखीं। अत्यधिक ठंड के कारण विद्यालयों में अवकाश होने के चलते, योग गुरु व राष्ट्रीय योगासन जज योगी ज्वाला सिंह ने बच्चों के स्थान पर शिक्षकों को योग का सघन अभ्यास कराया।सूक्ष्म व्यायाम से दूर होंगी शारीरिक समस्याएंशिविर के दौरान योगी ज्वाला सिंह ने खड़े होकर किए जाने वाले आसनों के साथ-साथ हाथों के 'सूक्ष्म व्यायाम' पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि हाथों की उंगलियों, पंजों, कलाई, कोहनी और कंधों के लिए किए जाने वाले ये हल्के व्यायाम सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस और फ्रोजन शोल्डर जैसी गंभीर समस्याओं में रामबाण सिद्ध होते हैं।अष्टांग योग ही जीवन का आधारमहर्षि पतंजलि के सिद्धांतों की व्याख्या करते हुए योग गुरु ने कहा कि यदि मनुष्य अपने जीवन को सफल और सार्थक बनाना चाहता है, तो उसे अष्टांग योग (यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि) को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने कहा कि अष्टांग योग के मार्ग पर चलकर ही शारीरिक और मानसिक उन्नति संभव है।अनन्त राज भंडारी, प्रबंधक ने कहा की "दवाओं के बजाय नियमित योग, आसन और प्राणायाम से शरीर को पूर्ण रूप से निरोग रखा जा सकता है। आज के तनावपूर्ण जीवन में योग ही एकमात्र सहारा है।"शिविर में इनकी रही उपस्थितिकार्यक्रम में पतंजलि युवा भारत के जिला प्रभारी प्रवीण मौर्या ने भी मार्गदर्शन दिया। योग सत्र में मुख्य रूप से अमित सिंह, आर.एस. उपाध्याय, शाहिद खान, महक खान, जागृति कसेरा, रूपाली श्रीवास्तव, आशी दुबे, रोशनी श्रीवास्तव, साक्षी कसेरा और तनु खरवार सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

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योग करते शिक्षक
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योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास करते शिक्षक
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योग जीवन का आधार
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योग की मुद्राओं का अभ्यास करते शिक्षकगण