चुनार (मीरजापुर)। विश्व हिन्दू परिषद् के मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी विभाग द्वारा बाल संस्कार अभ्यास वर्ग का आयोजन जिला चुनार के काकानगर स्थित दुर्गाजी मोड़ (राजकुमार गुप्ता के लॉन) में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ दुर्गा एवं प्रभु श्रीराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया गया।मुख्य अतिथि प्रांत सत्संग प्रमुख मंजू जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में बच्चों में नैतिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए बाल संस्कार केंद्रों की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि एक बच्चा सर्वप्रथम परिवार और उसके बाद विद्यालय से सीखता है। हमारे पूर्वजों ने संयुक्त परिवार की ऐसी व्यवस्था विकसित की थी, जहाँ तीन पीढ़ियाँ एक साथ रहकर बच्चों को संस्कार, अनुशासन, सेवा और बड़ों के सम्मान की शिक्षा देती थीं। समय के साथ संयुक्त परिवारों का विघटन हुआ और एकल परिवारों की संख्या बढ़ने से बच्चों के संस्कारों पर भी प्रभाव पड़ा है।उन्होंने बताया कि इसी आवश्यकता को देखते हुए विश्व हिन्दू परिषद् ने मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी के माध्यम से साप्ताहिक बाल संस्कार केंद्र संचालित करने की योजना बनाई है। इन केंद्रों पर बच्चों को खेल, बोधकथाएँ, प्रेरक गीत, खेल-गीत, लोकोक्तियाँ, मुहावरे तथा भारतीय संस्कृति से जुड़े विभिन्न संस्कारों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कम से कम एक साप्ताहिक बाल संस्कार केंद्र संचालित करने का आह्वान किया।कार्यक्रम में प्रांत सह सत्संग प्रमुख मंजूलता जी, प्रांत सत्संग केंद्र प्रमुख मंजू जायसवाल, जिला अध्यक्ष दिनेश, जिला मंत्री कृष्ण गोपाल, जिला कोषाध्यक्ष नारायण राठी, जिला उपाध्यक्ष शैलजा, नगर अध्यक्ष राजकुमार,वंशीधर  सहित मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी की अनेक बहनों की गरिमामयी उपस्थिति रही।



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