चंदौली जिले के धानापुर क्षेत्र में शनिवार सुबह भी कड़ाके की ठंड जारी रही। हालांकि, आज कोहरे का प्रकोप कुछ कम होने से लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की। सुबह 8 बजे तक ठंड बनी रही, जिससे पिछले एक सप्ताह से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।पिछले दिनों सुबह के समय दृश्यता (विजिबिलिटी) बेहद कम होने के कारण आवाजाही पर बुरा असर पड़ा था। सड़कों पर कुछ ही दूरी तक देख पाना मुश्किल हो रहा था, जिससे स्कूल जाने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों को परेशानी हुई। घने कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार भी धीमी हो गई थी, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।कोहरे और ठंड की वजह से लोग देर सुबह तक अपने घरों में रहने को मजबूर रहे, जिसका असर दैनिक कार्यों और स्थानीय व्यापार पर भी पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वांचल के कई जिलों में ठंड के साथ घना कोहरा छाया हुआ है। वाराणसी मंडल के अंतर्गत आने वाले जिलों में आगामी तीन से चार दिनों तक घने कोहरे की स्थिति बनी रहने की संभावना है, जिससे ठंड और गलन में और बढ़ोतरी हो सकती है।बढ़ती ठंड और गलन को देखते हुए क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से चट्टी-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे जरूरतमंदों और राहगीरों को राहत मिल सकेगी।डॉ. रविशंकर मौर्य (एमबीबीएस, एमडी, बीएचयू) ने ठंड में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि बदलते मौसम में अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। ठंड को देखते हुए वायरल फीवर, कोल्ड डायरिया, खांसी और सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियों से सतर्क रहना आवश्यक है।डॉ. मौर्य ने यह भी बताया कि आमतौर पर लोग इस मौसम में कम पानी का सेवन करते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इससे डिहाइड्रेशन की समस्या का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए स्वच्छ पानी का पर्याप्त सेवन करना महत्वपूर्ण है।

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डॉ रविशंकर मौर्य एमबीबीएस एमडी बीएचयू