जिला संवाददाता: अभिजीत श्रीवास्तव मिर्जापुर | विकासखंड जमालपुर के ग्राम पंचायत पूरेनी में शनिवार को इफको के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण किसान सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में विशेषज्ञों ने किसानों को नैनो तकनीक के माध्यम से उन्नत खेती करने और उत्पादन लागत कम करने के गुर सिखाए। कार्यक्रम में विशेषपुर समिति के सचिव राकेश यादव, अध्यक्ष, ग्राम प्रधान और किसान नेता अनिल सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।इफको के स्पेशलिटी फर्टिलाइजर असिस्टेंट रितेश पांडेय ने अपने संबोधन में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया प्लस की उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि नैनो डीएपी बीज शोधन के लिए एक क्रांतिकारी उत्पाद है। किसान 10 मिलीलीटर नैनो डीएपी प्रति किलोग्राम बीज की दर से इसका उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए 500 मिलीलीटर नैनो डीएपी को एक लीटर पानी में घोलकर 50 किलो बीज उपचारित किया जा सकता है। उपचार के पश्चात बीज को लगभग 30 मिनट तक छाया में सुखाना अनिवार्य है। इस विधि को अपनाने के बाद बुवाई के समय दानेदार डीएपी की मात्रा को आधा किया जा सकता है। आर्थिक दृष्टि से भी यह बेहद लाभकारी है क्योंकि जहाँ दानेदार डीएपी की बोरी 1350 रुपये की आती है, वहीं नैनो डीएपी मात्र 600 रुपये में उपलब्ध है। इसे खरीदने के लिए किसी आधार कार्ड या बायोमैट्रिक पहचान की भी आवश्यकता नहीं होतीहै और परिवहन में भी यह अत्यंत सुगम है।इसी क्रम में नैनो यूरिया प्लस के लाभ बताते हुए रितेश पांडेय ने कहा कि इसमें 20 प्रतिशत नाइट्रोजन होता है जो सीधे पौधों की पत्तियों के माध्यम से पोषण प्रदान करता है। दानेदार यूरिया की कार्यक्षमता जहाँ केवल 20 से 25 प्रतिशत होती है, वहीं नैनो यूरिया प्लस 90 प्रतिशत से अधिक प्रभावी है। पहली सिंचाई के बाद आधी मात्रा में दानेदार यूरिया का प्रयोग करने के उपरांत, शेष नाइट्रोजन की पूर्ति के लिए नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी और सागरिका तरल का मिश्रण बनाकर स्प्रे करना चाहिए। इसे 5 एमएल प्रति लीटर पानी की दर से मिलाकर छिड़काव करने से फसल उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नैनो उर्वरकों का प्रयोग फसलों को कीटों और रोगों से बचाने में सहायक है। इसके प्रयोग से फसल की टहनियां मजबूत होती हैं जिससे फसल जमीन पर नहीं गिरती और अनाज की गुणवत्ता बनी रहती है। अंत में उन्होंने जनपद के समस्त अन्नदाताओं से अपील की कि लागत कम करने और बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पादन के लिए नैनो उर्वरकों को अपनी कृषि पद्धति का हिस्सा बनाएं।

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कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणजन 
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जमालपुर के ग्राम पंचायत पूरेनी में शनिवार को इफको के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण किसान सभा का आयोजन
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पूरेनी में इफको किसान सभा: नैनो उर्वरकों के प्रयोग से किसान घटा सकते हैं खेती की लागत