गरीबी, मुफलिसी और बेबसी के बीच हिंगुतरगढ़ के अंकित गोंड ने पास किया परीक्षा, परिवार में जगी उम्मीद

कटऑफ से पांच अंक अधिक हासिल कर पास की परीक्षा, पहले सेमेस्टर में रह चुके हैं विश्वविद्यालय टॉपर


धानापुर। प्रतिभाएं परिस्थितियों की मोहताज नहीं होतीं। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर जारी रहे तो सफलता कदम चूमती है। कुछ ऐसी ही कहानी हिंगुतरगढ़ निवासी अंकित गोंड पुत्र धर्मवीर की है। अंकित ने नेवी (अग्निवीर) की परीक्षा में सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। परीक्षा में निर्धारित 29 अंकों के कटऑफ के मुकाबले अंकित ने 34 अंक प्राप्त किए हैं। अंकित वर्तमान में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में स्नातक कला संकाय से द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। वह राजनीतिक विज्ञान और भूगोल विषय से पढ़ाई कर रहे हैं। अपनी पढ़ाई के साथ-साथ वह रक्षा क्षेत्र में जाने के लक्ष्य को लेकर लगातार तैयारी कर रहे हैं। एमडी क्लासेज के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई करते हुए उन्होंने यह सफलता हासिल की है। इससे पहले अंकित ने विश्वविद्यालय के प्रथम सेमेस्टर में टॉप कर अपनी मेधा का परिचय दिया था। अंकित की इस उपलब्धि से परिवार के साथ ही हिंगुतरगढ़ और आसपास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अंकित की सफलता क्षेत्र के उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा बनी है, जो सीमित संसाधनों के बीच प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।


पहले भी पास की थी NDA की परीक्षा, फिजिकल में रह गए थे बाहर
अंकित के लिए यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि वर्ष 2025 में उन्होंने NDA की परीक्षा उत्तीर्ण की थी, लेकिन फिजिकल प्रक्रिया के दौरान कलर विजन संबंधी मानक के कारण उन्हें आगे की प्रक्रिया से बाहर होना पड़ा था। इस झटके के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य की ओर लगातार मेहनत करते रहे। दोबारा तैयारी कर उन्होंने नेवी (अग्निवीर) की परीक्षा में सफलता हासिल की।