चहनियां (चन्दौली)। डेरवा गांव में गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद, राष्ट्रीय महिला परिषद, राष्ट्रीय बजरंग दल के संयुक्त तत्वाधान में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। आयोजक अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष कौलेश्वर पांडेय व राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष राजकुमार पांडेय ने मुख्य अतिथि हिन्दू हृदय सम्राट, राम मंदिर आंदोलन में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले नायक कैंसर सर्जन प्रवीण भाई तोगड़िया को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि लाख राजनीति करने के बाद छाती पर चढ़कर राम मंदिर का निर्माण हुआ। मुगलों से ही नही कई राजनीति संघर्ष के बाद हमारे पचास लाख कार्यकताओं ने खून बहाया । लेकिन मंदिर को बनाने के लिए कितने संघर्ष करना पड़ा । 1996 में सबसे पहली लड़ाई लड़ी गयी। एक लाख गांव में जाकर हिंदुओ को जगाया गया। डरे सहमे हिंदुओ के अंदर हिन्दू होने का एहसास कराया। अशोक सिंघल और मैं मिलकर नक्शा बनाया जो आज खड़ा है। आठ करोड़ हिन्दूओ से पैसे लेने नही हम हिंदुओ को जगाने गये थे। बाबरी ढांचा को हटाने से लेकर मंदिर बनवाने तक किंतने लोगो ने संघर्ष किया, किंतने लोगो ने जान गवायी । हमने तो बाबरी ढांचे के बगल में तीन एकड़ जमीन खरीद लिया । 1979 राम मंदिर बनाने का एलान किया। दिल मे जज्बा हो तो कुछ भी सम्भव है। अयोध्या में कार सेवको के साथ आगे बढ़ा। गोलियां चलती रही हमने भगवा ध्वज फहरा दिया। हिंदुओ के पैसे से मंदिर तैयार है। हमारे हिन्दू हटे, घटे और ये अपनी संख्या बढ़ाकर कई देशों में अपनी धाक जमाने की कोशिश कर रहे है । ये हम लोगों की कमी है।  हमलोगों को पुनः ये हिंदुओ को लूटने,मरने नही देंगे। इसी संकल्प के साथ अब तो हिन्दू ही आगे है के नारे के साथ फिर से देश मे जगह जगह मंदिर बनायेगे। देश मे हिन्दू घट गया। अब डंडे और कानून से रक्षा करेंगे । हनुमान चालीसा, हर हर महादेव की गूंज हर गांव, हर गली में गुंजायमान कर दो ।

हिमाचल से चलकर आयी राष्ट्रीय महिला परिषद की रजनी बहन ने कहा कि भारत माता को बांटने वाले,गौ माता को काटने वाले,महिलाओं का हनन करने वाले सुधर जाये । ये तभी होगा जब हिन्दू जागेगा । अब तो हिन्दू ही आगे है का नारा दे । हिन्दू हेल्प लाइन हिंदुओ की हर सम्भव मदद करेगा। इस अवसर पर सूर्यमुनि तिवारी, डॉ. विवेक जायसवाल, गंगा सेवा समिति अध्यक्ष दीपक जायसवाल, संकठा राजभर, दीनानाथ पांडेय, रामप्यारे पांडेय, लवकुश, शिवम दुबे, डा. राधाकांत पाठक आदि लोग उपस्थित रहे। संचालन राजेन्द्र पांडेय ने किया।