भ्रष्टाचार बेनकाब : सरकार के लाखों खर्च के बाद भी प्रयास बेअसर, धान के कटोरे में नहर-माइनर बे पानी, ठेकेदार और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साठगांठ से कागजातों में ही होता है सफाई
12 Apr 2026, 07:04 PM
जनपद में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन जमीनी हकीकत इन प्रयासों की पोल खोलती नजर आ रही है। चंदौली जनपद के मुहम्दाबाद क्षेत्र से गुजरने वाली कर्मनाशा लेफ्ट माइनर की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है।
बेधड़क News 24
कर्मनाशा लेफ्ट माइनर पर अतिक्रमण से बाधित सिंचाई, किसानों में बढ़ी चिंता
चंदौली। जनपद में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन जमीनी हकीकत इन प्रयासों की पोल खोलती नजर आ रही है। चंदौली जनपद के मुहम्दाबाद क्षेत्र से गुजरने वाली कर्मनाशा लेफ्ट माइनर की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। अतिक्रमण से पटी माइनर पद पानी का प्रवाह ठप है स्थानीय ग्रामीणों कि माने तो कर्मनाशा लेफ्ट माइनर पर लगातार अतिक्रमण हो रहा है। कई जगहों पर माइनर को पाटकर कब्जा कर लिया गया है, जिससे पानी का प्रवाह पूरी तरह बाधित हो गया है। नतीजतन, खेतों तक समय पर पानी नहीं पहुंच पा रहा और सिंचाई व्यवस्था चरमरा गई है।
कागजों में सफाई, धरातल पर हकीकत अलग
सिंचाई विभाग के अधिकारी, जेई और एसडीओ भले ही कागजों में नहरों की नियमित सफाई दिखा रहे हों। लेकिन मौके पर हालात बिल्कुल उलट हैं। माइनर में गंदगी जमी है, झाड़ियां उग आई हैं और कई स्थानों पर अतिक्रमण साफ दिखाई देता है। यह स्थिति विभागीय लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़ा करती है।
किसानों की बढ़ती मुश्किलें, किसान नेता ने आवाज उठाई
इस बदहाल व्यवस्था का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। समय पर पानी न मिलने से फसलें सूखने की कगार पर हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई किसान निजी साधनों से सिंचाई करने को मजबूर हैं, जिससे लागत और बढ़ गई है। किसान नेता बिरेन्द्र पाल ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए प्रशासन से मांग की है कि कर्मनाशा लेफ्ट माइनर से अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो किसानों की स्थिति और बदतर हो जाएगी।
प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया और सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई, तो आने वाले समय में सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो सकती है।अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस गंभीर समस्या पर समय रहते कार्रवाई करेगा, या फिर किसान यूं ही बदहाली झेलते रहेंगे ?
बेधड़क न्यूज 24 के खबर का हुआ असर, 1 किलो 15 ग्राम के साथ गांजा तस्कर गिरफ्तार
धानापुर, चंदौली
चंदौली में 13 वर्षों से फैली हैं जेई इंद्र बहादुर के करप्शन की जड़ें !
चंदौली
भ्रष्टाचार बेनकाब : सरकार के लाखों खर्च के बाद भी प्रयास बेअसर, धान के कटोरे में नहर-माइनर बे पानी, ठेकेदार और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साठगांठ से कागजातों में ही होता है सफाई
चंदौली
इफको ने शुरू किया नैनो उर्वरक जागरूकता महा-अभियान देश के 560 जिलों तक पहुँचेगी आधुनिक कृषि तकनीक
मिर्जापुर
बदलते दौर में विलुप्त होती गौरैया, बचाने की मुहिम तेज करने की जरूरत
चकिया, चंदौली