चकिया ब्लॉक में तैनात ग्राम विकास अधिकारी एवं अन्य आरोपितों की तलाश में जुटी पुलिस

धानापुर थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला से छेड़छाड़ तथा उसके परिजनों से मारपीट का करने का आरोप


धानापुर। थाना अंतर्गत एक गांव की महिला के साथ छेड़छाड़ करने तथा विरोध करने पर उसके पति सहित परिजनों की पिटाई करने के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट चंदौली के आदेश पर धानापुर पुलिस ने आरोपित ग्राम विकास अधिकारी विनोद यादव, और उसके भाई सतीश और मनीष के विरुद्ध धारा 76, 115(2), 352 बीएनएस के तहत नामजद मुकदमा दर्ज किया है। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस आरोपितों के धर पकड़ करने में जुट गई है।

यह मामला धानापुर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। जहां गत 31 अक्टूबर की शाम ट्रक ले जाने को लेकर उत्तपन्न हुए रास्ते के विवाद को लेकर एक ही जाति के दो पक्षों के बीच तीखी झड़प हो गई। जिसे पुलिस ने हस्तक्षेप कर शांत करा दिया। किंतु अगले दिन सुबह ग्राम विकास अधिकारी एवं अन्य आरोपितों ने महिला के साथ छेड़छाड़ एवं गाली-गलौज किया। जिसका विरोध करने पर दबंगों ने महिला के पति व परिजनों के साथ जमकर मारपीट किया। पीड़ित ने पुलिस को इत्तला किया। किंतु पुलिस ने ग्राम विकास अधिकारी के प्रभाव में आकर आरोपितों के विरुद्ध कोई कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित महिला के ही पति व उसके भसुर सहित चार लोगों को शांति भंग की धारा में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जमानत कराकर लौटे पीड़ितों की एफआईआर दर्ज नहीं किया। दो दिन तक थाने दौड़ने के बाद जब पुलिस ने उनकी फरियाद नहीं सुनी तो पीड़ितों ने घटना को लेकर एसओ व एसपी को पत्र लिख दिया। यह बात पुलिस को नागवार लगी। और पुलिस ने उसी दिन रात को 11 बजे आरोपितों को थाने बुलाकर पीड़िता के पति सहित सात लोगो के विरुद्ध गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया। पुलिस की इस एकतरफा करवाई से क्षुब्ध होकर महिला के पति राम आशीष यादव ने न्यायिक मजिस्ट्रेट चंदौली की कोर्ट में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर न्याय की गुहार लगाई। जिस पर हुई लंबी बहस के बाद कोर्ट ने 3 दिसम्बर को ही आरोपित ग्राम विकास अधिकारी सहित तीन के विरुद्ध धानापुर एसएचओ को सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दे दिया।

किंतु कोर्ट के आदेश के बाद भी धानापुर पुलिस आरोपितों पर मेहरबान रही। अब जब मामला हाई कोर्ट तक पहुंच गया तो आनन फानन में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया और आरोपितों के धर पकड़ में जुट गई है। इस संदर्भ में पूछे जाने पर प्रभारी निरीक्षक त्रिवेणी लाल सेन का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। आरोपियों की तलाश में जल्द ही उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जाएगी। आरोपित कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, पुलिस की गिरफ्त से बच नहीं सकते हैं।