प्लास्टिक पाइप से हो रहा करोड़ों का काम, सिंचाई विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल

संवाददाता मधुप श्रीवास्तव 

चंदौली। शहाबगंज ब्लॉक के गोविंदीपुर रजवाहा में चल रहे करोड़ों रुपये के नहर मरम्मत कार्य में कथित धांधली और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का मामला सामने आने के बाद किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। किसान विकास मंच ने कार्यदायी संस्था सिद्धार्थ कंस्ट्रक्शन कंपनी और सिंचाई विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है।जानकारी के अनुसार शासन द्वारा गोविंदीपुर नहर को हेड से करीब नौ किलोमीटर तक चुस्त-दुरुस्त करने के लिए लगभग 4 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। कार्य का जिम्मा वाराणसी की सिद्धार्थ कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया है, जबकि निगरानी सिंचाई विभाग कर रहा है। मामला तब उजागर हुआ जब किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह की नजर सेमरा फाल पर लगाए जा रहे कुलावों पर पड़ी। संगठन के कार्यकर्ताओं ने मौके का फोटो और वीडियो बनाकर निर्माण कार्य की वास्तविकता उजागर की। किसानों का आरोप है कि जहां पुराने जर्जर लोहे के कुलावों को हटाकर नए मानक गुणवत्ता वाले सीमेंट ह्यूम पाइप लगाए जाने थे, वहां एक कुलावा पूरी तरह बंद कर दिया गया, जबकि दूसरे पुराने कुलावे को हटाने के बजाय उसके ऊपर प्लास्टिक का छह इंच का बेहद घटिया पाइप जोड़ दिया गया। किसानों ने कहा कि पाइप इतना कमजोर है कि कोई भी व्यक्ति हाथ से तोड़ सकता है। सबसे गंभीर बात यह बताई जा रही है कि करीब दस फीट गहरी नहर में कुलावों को सुरक्षित तरीके से बंद करने हेतु कोई स्थायी ढांचा भी नहीं बनाया गया, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है।किसान विकास मंच ने यह भी आरोप लगाया कि भीषण गर्मी में सीमेंट कार्यों की आवश्यक तराई तक नहीं कराई जा रही है। न तो जूट के बोरे लगाए जा रहे हैं और न ही नियमित पानी डाला जा रहा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

मामले को लेकर अवर अभियंता रत्नेश यादव से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों ने अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार और सहायक अभियंता राकेश तिवारी से शिकायत की। संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने मांग की कि दोनों कुलावों को तत्काल हटाकर मानक गुणवत्ता के सीमेंट ह्यूम पाइप लगाए जाएं। साथ ही सिद्धार्थ कंस्ट्रक्शन कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने और अवर अभियंता रत्नेश यादव को निलंबित करने की मांग भी उठाई गई। सहायक अभियंता राकेश तिवारी ने आश्वासन दिया कि शिकायत की जांच कराकर घटिया निर्माण को दोबारा कराया जाएगा। किसान विकास मंच ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो जिलाधिकारी कार्यालय पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान विजयमल मौर्य, राहुल सिंह, शांतनु तिवारी, दीपक सिंह समेत कई किसान कार्यकर्ता मौजूद रहे।