डीडीयू नगर (चंदौली)। दवा व्यवसाई रोहिताश पाल हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। और हत्या की साजिश के आरोप में तीन लोगों को जेल भी भेज दिया है। इस खुलासे के बाद लोगों का आक्रोश थोड़ा शांत हुआ। बावजूद कई सवाल भी उठने लगे है। नगर का हर व्यक्ति रोहिताश के लिए न्याय मांगा रहा है। बावजूद पुलिस ने साजिशकर्ता के रूप में जिन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा है। लोग उसे पचा नहीं पा रहे है।

वहीं हत्या की वजह भी लोगों के गले से आसानी से नीचे नहीं उतर रही है। आरोपीत मनोज की बेटी निधि ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा पुलिस शासन सत्ता के दबाव में काम कर रही है। मेरे पिता और ओमप्रकाश को गलत तरीके से साजिशकर्ता बना दिया गया। हमें मृतक परिवार से पूरी संवेदना है उन्हें भी न्याय मिले। बावजूद हमें भी न्याय मिलना चाहिए, मेरे पिता निर्दोष हैं। कहा कि उनके पिता हार्ट पेशेंट हैं और पुलिस की कार्रवाई से उनकी सेहत भी खतरे में पड़ गई है।

आरोपितों के परिजनों ने मामले की सीबीआई जांच का मांग कर शासन प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दिया है। नगर क्षेत्र के गल्ला मंडी,नई सट्टी कालीमहाल, चकिया चंदौली तिराहा,परमार कटरा, लालबहादुर शास्त्री क्रय-विक्रय, रेलवे स्टेशन के सामने चाय की दुकान, टप्पू स्टैंड,चट्टी, चौराहों से लेकर चाय की दुकानों पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। हर किसी के मन में एक ही सवाल आ रहा है कि यह लोग ऐसा भी करवा सकते है।लोग बेहद आश्चर्यजनक तरीके से एक दूसरे से पूछ रहे हैं। जनमानस का ये सवाल पुलिस की थ्योरी को कठघरे में खड़ा कर रहा हैं। साजिश कर्ता आरोपी हैं। पुलिस शूटर के बारे में पूरी तरह से खाली है। चर्चा है कि आरोपी बिरादरी के नाम पर सुलहनामा, पंचायत करने का काम किया हो। समाजसेवी, व्यापारी होने के नाते बातचीत का सिलसिला हो। आरोपित परिजनों का कहना है कि मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने मनोज और ओमप्रकाश को फोन करके पूछताछ के लिए बुलाया। परिजनों के पहुंचने पर पुलिस ने कहा शाम को या सुबह छोड़ देंगे। इस तरह पांच दिन गुजर गए।परिजनों को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। परिवार वालों ने आरोप लगाया कि पुलिस पहले हमें रोज टरकाती रही। दो घंटे में छोड़ देंगे, शाम तक छोड़ देंगे। लेकिन छठवें दिन दोनों को हत्याकांड का साजिशकर्ता बनाकर दिखा दिया।

आरोपित की बेटी निधि जायसवाल ने बताया कि 23 नवम्बर को हमने मुख्यमंत्री पोटल पर इसकी शिकायत दर्ज कराई। साथ ही चंदौली एसपी,आईजी, गृहमंत्री अमित शाह आदि लोगों को घटना के बाबत मेल कर अवगत करा दिया। यही नहीं हमने 112 नंबर पुलिस को पूरी बात बताई। जिससे कोतवाली पुलिस पूरी तरह झल्ला गयी। निधि ने आरोप लगाया कि कोतवाली पुलिस निधि भाई हर्षित और मेरे पति को अपशब्द बोलते हुए कोतवाली गेट के बाहर कर दिया गया। साथ ही धमकी दिया कि तुम्हें भी बन्द कर देंगे। साजिशकर्ता के रूप में तीन व्यापारियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। लोगों की जुबान पर सवाल है कि आखिर पुलिस ने शूटर और साजिशकर्ताओं के बीच में ऐसे कौन सी कड़ी को तलाश लिया है। सवाल है कि यदि पुलिस ने कड़ी को तलाश लिया है तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं कर पाई है। लोगो के मन में सवाल है कि आखिर ऐसे कौन से साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे है। जिसमें शूटर और साजिशकर्ताओं के बीच संबंध को स्टैबलिश कर दिया है। नगर का हर कोई रोहिताश पाल को न्याय दिलाने को बेचैन है।