धानापुर। क्षेत्र के प्रसहटां गांव में नव निर्मित हनुमान मंदिर में रविवार को प्राण प्रतिष्ठा का समारोह बड़े धार्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। पूरे गाजे-बाजे के साथ मूर्ति गांव में भ्रमण के बाद मंदिर में स्थापित हुई। मूर्ति भ्रमण यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। गांव में दो दिन पहले से ही प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। वेद मंत्रों और विधि-विधान के साथ हनुमान प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई। जिसके बाद लोगो ने विशाल भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। आचार्य राजेश्वर द्विवेदी ने बताया कि हिंदू धर्म में प्राण प्रतिष्ठा एक अत्यंत पवित्र अनुष्ठान है, जिसमें मूर्ति में देवता का आह्वान कर उसे दिव्य स्वरूप प्रदान किया जाता है। 'प्राण' का अर्थ जीवन और 'प्रतिष्ठा' का अर्थ स्थापना होता है, अर्थात मूर्ति में जीवन शक्ति का संचार करना।

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स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा

घनश्याम पांडेय ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रतिमा देव स्वरूप मानी जाती है, जो भक्तों की प्रार्थनाएं स्वीकार कर आशीर्वाद देती है। इस दौरान मंत्रोच्चार, हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आचार्य राजेश्वर द्विवेदी, तहसीदार पाण्डेय, सुरेन्द्र पांडेय, संजय यादव, सुबास यादव, जोगींदर यादव, सोनू पांडेय, नन्दलाल यादव, राधे गुप्ता, सदान्द पासवान, विकास यादव, राधेश्याम यादव, विनोद कुमार, मनोहर यादव सहित अन्य गांवों के लोग उपस्थित रहे।